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CM योगी का सपा पर हमला, बोले- समाजवादी पार्टी और शिक्षा नदी के दो छोर, कभी नहीं मिल सकते

योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ
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Written by
Rishabh Rai

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पिछली सरकारों के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में शिक्षा, भर्ती प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं थी। सपा पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा, “समाजवादी पार्टी और शिक्षा नदी के दो ऐसे छोर हैं, जो कभी नहीं मिल सकते। सपा शिक्षा की घोषित दुश्मन है।”

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि करीब 10 साल पहले लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश की स्थिति आज से काफी अलग थी। उनके मुताबिक, उस समय विकास को लेकर न तो स्पष्ट नीति थी और न ही काम करने की इच्छाशक्ति। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, बेहतर कानून-व्यवस्था और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं।

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भर्ती प्रक्रिया को लेकर सपा पर लगाए आरोप

योगी आदित्यनाथ ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भर्ती आयोगों में अयोग्य लोगों को जगह दी गई थी और युवाओं को नौकरी पाने के लिए भेदभाव तथा भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता था।

मुख्यमंत्री ने सपा शासनकाल में कथित तौर पर सक्रिय ‘सैफई सिंडिकेट’ का जिक्र करते हुए कहा कि नौकरियों में पैसे और जातिगत प्रभाव के आधार पर नियुक्तियां किए जाने के आरोप लगते थे। उन्होंने दावा किया कि इससे मेहनत करने वाले युवाओं के साथ अन्याय हुआ और योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ा।

सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसे प्रदेश में रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ बनाम ODOP

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सपा सरकार पर निशाना साधते हुए ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ का तंज कसा। इसके विपरीत उन्होंने अपनी सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना का उल्लेख किया।

योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, ODOP योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों, स्थानीय कारीगरों और छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य जिलों की विशेष पहचान रखने वाले उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना, स्थानीय रोजगार बढ़ाना और लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अब युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्यमी भी बन रहे हैं।

कानून-व्यवस्था पर भी सरकार की पीठ थपथपाई

योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पहले त्योहारों के दौरान उपद्रव और तनाव की घटनाएं सामने आती थीं, जबकि अब दुर्गा पूजा सहित विभिन्न त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में मनाए जा रहे हैं।

उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में शांति बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने दावा किया कि बेहतर सुरक्षा व्यवस्था से प्रदेश में निवेश का माहौल मजबूत हुआ है। उनके अनुसार, कानून-व्यवस्था में सुधार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बदलाव से उद्योगों को प्रोत्साहन मिला है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिल रही है।

निवेश और रोजगार पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश देश की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा और कौशल के दम पर आगे बढ़ सकें।

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