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इटावा के नंदपुर गांव में ड्रोन गिरने से अफरा-तफरी, प्रशासन ने किया मोर्चा संभाल

नंदपुर गांव में ड्रोन गिरने से अफरा-तफरी
नंदपुर गांव में ड्रोन गिरने से अफरा-तफरी
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Written by
Rishabh Rai

इटावा जिले के सैफई इलाके के नंदपुर गांव में अचानक एक ड्रोन हेलीकॉप्टर गिरने की घटना ने स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा दिया। यह ड्रोन सीधे गेहूं के खेत में गिरा, जिसमें लाइट्स जल रही थीं, जिससे ग्रामीणों में डर और अफरातफरी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीएस सैफई मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि ड्रोन की लंबाई लगभग 2 से 3 फीट तक थी। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि वे ड्रोन के मलबे से दूर रहें। अधिकारियों ने ड्रोन को उठा कर जांच के लिए सुरक्षित स्थान पर ले जाया। यह घटनाक्रम आसपास के इलाके में तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

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प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह ड्रोन मौसम विभाग का होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। बताया गया कि खराब मौसम की वजह से तकनीकी खराबी के कारण ड्रोन गिर गया। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों में न फंसने और घबराने की जरूरत नहीं होने की सलाह दी। सौभाग्य से इस घटना में किसी की जान को कोई खतरा नहीं हुआ, केवल खेत की फसल को हल्का नुकसान पहुंचा।

इस घटना पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि युद्ध के वातावरण में अचानक बड़े ड्रोन का किसी गेहूं के खेत में गिरना नंदपुर गांव की जनता के लिए दहशतपूर्ण था। उनका कहना था कि यदि यह किसी सरकारी परीक्षण का हिस्सा था, तो पहले से स्थानीय लोगों को सूचित किया जाना चाहिए था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह किसी बस्ती में गिर जाता तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था।

अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मामले की जांच की जानी चाहिए और किसान को हुए आर्थिक नुकसान और मानसिक आघात का उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने भविष्य में ऐसे परीक्षण और एक्सपेरिमेंट केवल निर्जन क्षेत्रों में करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने सैफई की हवाई पट्टी और बीजेपी सरकार के रखरखाव पर भी सवाल उठाए।

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