
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब दक्षिण एशिया में भी दिखाई देने लगा है। पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है। नई दरों के बाद पेट्रोल की कीमत 335.86 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर और डीजल 321.17 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है।
पाकिस्तान सरकार के मुताबिक वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के कारण यह फैसला लेना पड़ा। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संभावित युद्ध की स्थिति से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी वजह से सरकार ने ईंधन की कीमतों में लगभग 55 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर तक का इजाफा किया है।
कीमतों में बढ़ोतरी की खबर फैलते ही लाहौर और कराची समेत कई बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं। लोग घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। कई जगहों पर लोगों ने आशंका जताई कि आने वाले दिनों में पेट्रोल की कमी हो सकती है, जिसके चलते लोग पहले से ही ईंधन भरवाने के लिए पहुंचने लगे।
इस बीच शहबाज शरीफ ने जमाखोरी को लेकर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो भी लोग पेट्रोल या डीजल का अवैध रूप से स्टॉक कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पेट्रोलियम मंत्री ने दावा किया है कि देश में फिलहाल पेट्रोल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं है।
दूसरी ओर भारत में भी ऊर्जा कीमतों को लेकर हलचल देखने को मिल रही है। केंद्र सरकार ने 7 मार्च से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर अब 913 रुपए में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत 853 रुपए थी। वहीं 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए की बढ़ोतरी कर इसे 1883 रुपए कर दिया गया है।
सरकार ने संभावित गैस संकट को देखते हुए सभी रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश भी दिया है। इस आदेश के तहत प्रोपेन और ब्यूटेन का उपयोग प्राथमिक रूप से रसोई गैस के उत्पादन के लिए किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को बिना रुकावट गैस की सप्लाई मिलती रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में और उथल-पुथल देखने को मिल सकती है, जिसका असर भारत समेत कई देशों की ईंधन कीमतों पर पड़ सकता है।






