
संघ लोक सेवा आयोग यानी Union Public Service Commission ने सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस साल कुल 958 उम्मीदवारों ने परीक्षा में सफलता हासिल की है। सफल अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार की विभिन्न सेवाओं में नियुक्ति दी जाएगी।
इस बार परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है। हर साल की तरह इस बार भी परिणाम के साथ सबसे अधिक चर्चा देश की प्रमुख सेवाओं-Indian Administrative Service (IAS), Indian Police Service (IPS), Indian Foreign Service (IFS) और Indian Revenue Service (IRS)—को लेकर हो रही है।
आयोग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक इस साल सरकार ने कुल 1087 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव दिया था। हालांकि अंतिम परिणाम में 958 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। इन अभ्यर्थियों को योग्यता, रैंक और वरीयता के आधार पर अलग-अलग सेवाओं में नियुक्ति दी जाएगी।
IAS के लिए 180 पद
देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में गिनी जाने वाली Indian Administrative Service के लिए इस बार कुल 180 पद तय किए गए हैं। इन पदों में अलग-अलग वर्गों के लिए सीटें आरक्षित हैं।
IAS अधिकारी देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालते हैं। आगे चलकर यही अधिकारी जिला कलेक्टर, कमिश्नर, सचिव और केंद्र व राज्य सरकारों के कई महत्वपूर्ण पदों पर काम करते हैं।
IPS के लिए 150 पद
इस साल Indian Police Service के लिए कुल 150 पद निर्धारित किए गए हैं। IPS अधिकारी देश के विभिन्न राज्यों में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हैं।
समय के साथ यही अधिकारी पुलिस अधीक्षक (SP), महानिरीक्षक (IG) और पुलिस महानिदेशक (DGP) जैसे बड़े पदों तक पहुंचते हैं।
IFS में 55 पद
विदेश सेवा के लिए इस बार 55 पद तय किए गए हैं। Indian Foreign Service के अधिकारी विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं और दूतावासों व मिशनों में तैनात रहते हैं। उनका काम कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के हितों की रक्षा करना होता है।
केंद्रीय सेवाओं में सबसे अधिक अवसर
IAS, IPS और IFS के अलावा केंद्रीय सेवाओं के ग्रुप ‘A’ में सबसे ज्यादा 507 पद हैं। इनमें आयकर, लेखा, रेलवे और अन्य कई विभागों की सेवाएं शामिल हैं। वहीं ग्रुप ‘B’ सेवाओं में 195 पद तय किए गए हैं।
इन सेवाओं में चयनित अधिकारी देश के विभिन्न केंद्रीय विभागों में प्रशासनिक, वित्तीय और तकनीकी जिम्मेदारियां निभाते हैं।
UPSC की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन अंतिम सूची में जगह केवल कुछ ही उम्मीदवारों को मिल पाती है।





