Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

मार्च की शुरुआत में ही बढ़ी गर्मी, पहाड़ों पर हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार

मार्च की शुरुआत में ही बढ़ी गर्मी
मार्च की शुरुआत में ही बढ़ी गर्मी
[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]
Author Image
Written by
Rishabh Rai

मार्च का महीना शुरू होते ही देश के मौसम ने तेजी से करवट ले ली है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर पहुंच गया है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में और 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस बार गर्मी जल्दी और ज्यादा तीव्र रूप में दस्तक दे सकती है।

मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम के कारण तापमान में तेजी से इजाफा हो रहा है। न्यूनतम तापमान में फिलहाल ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन अगले कुछ दिनों में इसमें भी 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। कई क्षेत्रों में तापमान ‘सामान्य से काफी अधिक’ श्रेणी में पहुंच चुका है।

Advertisement Box

महाराष्ट्र के अकोला में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस समय के लिए असामान्य रूप से अधिक माना जा रहा है। उत्तर भारत के कई शहरों में दोपहर के समय तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण गर्मी का असर साफ महसूस किया जा रहा है। दिन में 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनमें कभी-कभी 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटा तक के झोंके भी संभव हैं। इससे दोपहर के समय गर्मी और अधिक परेशान कर सकती है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फरवरी का महीना पिछले तीन वर्षों में सबसे गर्म रहा। बारिश में भारी कमी के कारण वातावरण में शुष्कता बढ़ गई है। मार्च के पहले सप्ताह में भी अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री ऊपर रह सकता है। सुबह और रात में हल्की ठंडक जरूर बनी रह सकती है, लेकिन दिन चढ़ते ही तेज धूप के कारण असहजता बढ़ने लगेगी। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में बारिश की कोई बड़ी संभावना नजर नहीं आ रही है।

मैदानी राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में भी तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री तक अधिक दर्ज किया जा सकता है। दिन के समय गर्म हवाएं चलने और तेज धूप के कारण लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है। अगले एक सप्ताह तक इन राज्यों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

वहीं पहाड़ी राज्यों में मौसम में आंशिक बदलाव के संकेत हैं। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में 4 मार्च की रात से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई गई है। हालांकि यह प्रणाली बहुत मजबूत नहीं मानी जा रही है, इसलिए व्यापक या भारी बर्फबारी के आसार फिलहाल कम हैं।

मैदानी और निचले पहाड़ी इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर ही बना रहेगा। सप्ताहांत तक एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के संकेत मिल रहे हैं, जिससे मौसम में अस्थायी बदलाव संभव है, लेकिन इससे गर्मी के रुख में बड़ा परिवर्तन होने की संभावना कम है।

पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश हो सकती है, जिससे वहां तापमान में हल्की गिरावट संभव है। दक्षिण भारत में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर बना हुआ है, हालांकि तटीय क्षेत्रों में नमी के कारण उमस बढ़ सकती है।

मार्च की शुरुआत में ही जिस तरह से पारा चढ़ रहा है, वह आने वाले महीनों के लिए चेतावनी जैसा है। यदि बारिश की गतिविधियां सीमित रहीं और पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहे, तो उत्तर और मध्य भारत में इस बार लू जैसी परिस्थितियां सामान्य से पहले बन सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में तापमान पर विशेष नजर रखने की जरूरत होगी।

आज का राशिफल

वोट करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल प्रमुख टिम कुक से आईफोन का निर्माण भारत में न करने को कहा है। क्या इसका असर देश के स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है?

Advertisement Box

और भी पढ़ें

WhatsApp