
शनिवार को इजराइल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। राजधानी तेहरान सहित कम से कम दस प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया। इन हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ट्रम्प ने अपने पोस्ट में खामेनेई को “इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक” बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई ईरान की जनता, अमेरिका और दुनिया के लिए न्याय है।
इससे पहले अमेरिकी समाचार चैनल CNN से बातचीत में इजराइली अधिकारियों ने दावा किया था कि उनके पास खामेनेई के शव की तस्वीर है, जिसे मलबे से बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार संयुक्त हमले में खामेनेई के आवास को पूरी तरह तबाह कर दिया गया।
हालांकि, ईरान सरकार ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि सुप्रीम लीडर सुरक्षित हैं और उन्हें एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। ईरान की सरकारी एजेंसी फार्स न्यूज एजेंसी ने भी खामेनेई के जीवित होने की बात दोहराई, लेकिन हमलों में उनके परिवार के कुछ सदस्यों के मारे जाने की पुष्टि की है।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू की इजराइली हमलों में मौत हो गई। रॉयटर्स ने तेहरान सिटी काउंसिल और यंग जर्नलिस्ट्स क्लब के हवाले से इस खबर की पुष्टि की है।
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, हमलों में अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। राजधानी तेहरान और उसके आसपास कई धमाकों की पुष्टि की गई है। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत और 45 के घायल होने की खबर है। इन हमलों ने पश्चिम एशिया में हालात को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है







