
फिश फार्मिंग एवं पर्ल्स (मोती) फार्मिंग से किसान बढ़ा रहे अपनी आय : डॉ. अय्यूब
लखनऊ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दो दिवसीय मीन सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में फिश फार्मर्स (मत्स्य पालक) ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिगण तथा मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. के. वी. राजू मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
सम्मेलन के दौरान डॉ. अय्यूब (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) ने मंच से उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए फिश फार्मिंग एवं पर्ल्स (मोती) फार्मिंग के समेकित मॉडल पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पर्ल्स फार्मिंग प्रोजेक्ट पर लगभग 5 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिससे किसान आधुनिक तकनीक के साथ इस परियोजना को आसानी से स्थापित कर सकते हैं।
डॉ. अय्यूब ने अपने संबोधन में बताया कि MNI Agrohub के माध्यम से यह परियोजना पूरे प्रदेश में स्थापित की जा रही है और किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन तथा विपणन सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पर्ल्स फार्मिंग को मत्स्य पालन के साथ जोड़कर किसान एक ही फसल चक्र में अपनी आय का 4 से 5 गुना तक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अपने प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण में डॉ. अय्यूब ने वैज्ञानिक पद्धति, नाभिक प्रत्यारोपण तकनीक तथा सफल प्रोजेक्ट्स के उदाहरण साझा किए, जिससे उपस्थित किसानों में विशेष उत्साह देखा गया।
यह सम्मेलन राज्य में मत्स्य एवं मोती उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









