
मुख्य सचिव ने लैंड बैंक की समीक्षा की, 78 हजार एकड़ भूमि आवंटन का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने विभिन्न औद्योगिक विकास प्राधिकरणों एवं आवास विकास परिषद द्वारा अर्जित, विकसित और आवंटित भूमि की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रदेश में बढ़ते औद्योगिक निवेश और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को गति देने के लिए भूमि उपलब्धता पर विशेष चर्चा हुई।
लैंड बैंक को सुदृढ़ करने पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि उद्योगों और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए लैंड बैंक को मजबूत और विस्तारित करना अत्यंत आवश्यक है। सभी प्राधिकरण आपसी समन्वय से कार्य करते हुए औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।
उन्होंने निवेश के बढ़ते रुझान को देखते हुए समयबद्ध भूमि अधिग्रहण, विकास और आवंटन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, विद्युत, जलापूर्ति और लॉजिस्टिक्स जैसी आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
78 हजार एकड़ भूमि आवंटन का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 78 हजार एकड़ भूमि आवंटन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने अगले वित्तीय वर्ष की औद्योगिक मांग का आकलन कर अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता के अनुरूप विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
प्रमुख प्राधिकरणों को निर्देश
बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के साथ-साथ
- उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA)
- न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (NOIDA)
- बुन्देलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA)
- यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA)
- गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA)
- ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA)
के अधिकारियों को लैंड बैंक की वर्तमान स्थिति और भविष्य की आवश्यकताओं का आकलन कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल प्रक्रिया पर बल
मुख्य सचिव ने भूमि आवंटन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और निवेशक-अनुकूल बनाने पर जोर दिया, ताकि औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बैठक में प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद, सीईओ इन्वेस्ट यूपी विजय किरन आनंद समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









