
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में फॉर्म 7 के मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। सपा अध्यक्ष ने कहा कि फर्जी तरीके से मतदाता सूची से नाम कटवाने की कोशिश की जा रही है, जिससे समाजवादी पार्टी के वोटबैंक को प्रभावित किया जा सके।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि पार्टी के पास ऐसा विस्तृत डेटा है, जो यह दर्शाता है कि बड़ी संख्या में संदिग्ध फॉर्म 7 भरे गए हैं। उन्होंने कहा, “बीजेपी चाहती है कि जमीनी मुद्दों-जैसे रुपया गिरना, बेरोजगारी और अमेरिकी डील-पर चर्चा न हो। इसलिए ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं।”
सपा प्रमुख के अनुसार, बीजेपी की ओर से 1729 फॉर्म 7 भरे गए हैं, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से केवल 47 फॉर्म 7 दाखिल किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि 1.28 लाख अज्ञात लोगों द्वारा फॉर्म 7 भरे जाने के पीछे राजनीतिक साजिश हो सकती है। उनका कहना था कि ये अज्ञात लोग वास्तव में बीजेपी से जुड़े हैं और उनका उद्देश्य सपा समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटवाना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित के मूल मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। सपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी और मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनियमितता के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। सपा ने इस मुद्दे पर विस्तृत जांच और पारदर्शिता की मांग करते हुए चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।









