
ओडीओपी से 3.16 लाख लोगों को मिला रोजगार, निर्यात 1.86 लाख करोड़ पहुंचा : राकेश सचान
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना के माध्यम से अब तक 3,16,000 लोगों को रोजगार सृजित हुआ है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों और कारीगरों को प्रोत्साहन देना है। योजना के तहत कारीगरों को प्रशिक्षण, टूल किट और वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट उपलब्ध कराई गई है। सहारनपुर जनपद में 2275 कारीगरों को उन्नत टूल किट दी गई, जबकि 454 हस्तशिल्पियों को 16 करोड़ 26 लाख रुपये की मार्जिन मनी वितरित की गई। मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत कारीगरों को 5 लाख रुपये तक की बीमा सुरक्षा भी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में प्रदेश का निर्यात 86 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपये हो गया है। इसमें लगभग 50 प्रतिशत योगदान ओडीओपी और हस्तशिल्प उत्पादों का है। योजना की सफलता को देखते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाया गया है।
मंत्री सचान ने बताया कि पिछले बजट में 145 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से 135 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष में योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के 79 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुआ है, जिससे वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि सरकार कारीगरों के स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति भी संवेदनशील है। आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा और निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही ओडीओपी उत्पादों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग की जा रही है तथा ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन व्यंजन’ जैसी नई पहल भी शुरू की जा रही है।








