
कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में राहत बनी यूपी की ‘गंभीर बीमारी सहायता योजना’, बिना आयुष्मान कार्ड भी मिलेगा इलाज
कैंसर—एक ऐसा शब्द, जिसे सुनते ही इंसान सिहर उठता है। तेजी से फैलती इस बीमारी से लड़ना जहां मानसिक और शारीरिक रूप से कठिन होता है, वहीं इलाज का भारी खर्च कई परिवारों की कमर तोड़ देता है। हाल ही में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर एक बार फिर यह सवाल सामने आया कि आर्थिक रूप से कमजोर लोग महंगे इलाज का बोझ कैसे उठाएं। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार की ‘निर्माण कामगार गंभीर बीमारी सहायता योजना’ जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
यह योजना खास तौर पर पंजीकृत निर्माण कामगार श्रमिकों के लिए है। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए आयुष्मान भारत कार्ड या आयुष्मान वय वंदना कार्ड होना अनिवार्य नहीं है। आयुष्मान योजना की तरह इसमें इलाज पर खर्च की कोई अधिकतम सीमा भी तय नहीं की गई है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक चिंता काफी हद तक कम हो जाती है।
इस योजना के अंतर्गत न केवल आयुष्मान भारत योजना में शामिल बीमारियों का इलाज कराया जा सकता है, बल्कि इसके अलावा 13 अन्य गंभीर बीमारियों, जिनमें कैंसर प्रमुख है, का भी उपचार संभव है।
सरकार की यह पहल उन श्रमिक परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जो सीमित आय के कारण गंभीर बीमारियों का इलाज नहीं करा पाते थे। यह योजना न सिर्फ इलाज सुनिश्चित करती है, बल्कि जीवन बचाने की एक मजबूत उम्मीद भी देती है।

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