
लखनऊ में 86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन संपन्न
लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष की गरिमामयी उपस्थिति में कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन में विधायी प्रक्रियाओं को पारदर्शी, कुशल एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग, विधायकों की क्षमता वृद्धि के माध्यम से कार्यकुशलता में सुधार और लोकतांत्रिक शासन को सुदृढ़ करने, तथा जनता के प्रति विधायकों की जवाबदेही जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
सम्मेलन में 36 प्रधान सचिव एवं 31 सचिव (विधायी पद्धति) उपस्थित रहे। इसमें 24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने भाग लिया। पीठासीन अधिकारियों के साथ-साथ 20 विधानसभा अध्यक्ष, 11 उपाध्यक्ष, सभापति एवं उपसभापति भी सम्मेलन में शामिल हुए।
इसी क्रम में लखनऊ में विधायी निकायों के सचिवों का 62वां सम्मेलन भी संपन्न हुआ, जिसकी अध्यक्षता लोकसभा महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने की।
इस पीठासीन अधिकारी सम्मेलन की शुरुआत वर्ष 1921 में संसदीय पद्धतियों में प्रक्रियाओं को विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी यह चौथी बार है जब उत्तर प्रदेश में इस प्रतिशत सम्मेलन की मेजबानी की है।






