
नई दिल्ली: संसद सुरक्षा में चूक के चार आरोपियों की न्यायिक हिरासत 6 फरवरी तक बढ़ी
नई दिल्ली: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने संसद सुरक्षा में चूक के चार आरोपियों की न्यायिक हिरासत 6 फरवरी तक बढ़ा दिया है. कोर्ट ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने और आरोपी ललित झा की आरोप मुक्त करने की अर्जी पर 6 फरवरी को सुनवाई करने का आदेश दिया.
दिल्ली पुलिस ने संसद सुरक्षा चूक के आरोपी ललित झा की आरोप मुक्त करने की अर्जी का विरोध किया है. आज सुनवाई के दौरान इस मामले के सभी आरोपी कोर्ट में पेश हुए.
बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 जुलाई 2025 को इस मामले के दो आरोपियों नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत दी थी. हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया था. हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों को प्रेस कांफ्रेंस करने और मीडिया को इंटरव्यू नहीं देने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों को इस घटना के बारे में सोशल मीडिया पर कोई भी पोस्ट नहीं करने को कहा था. इसके अलावा कोर्ट ने दोनों आरोपियों को संबंधित थाने में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह दस बजे रिपोर्ट करने का निर्देश दिया था.
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 15 जुलाई 2024 को पूरक चार्जशीट दाखिल किया था
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा मामले में 186, 353, 153, 452, 201, 34, 120बी और यूएपीए की धारा 13, 16, 18 के तहत चार्जशीट दाखिल किया था. दिल्ली पुलिस ने 7 जून 2024 को पहली चार्जशीट दाखिल किया था. दिल्ली पुलिस ने जिन आरोपियों के खिलाफ यूएपीए की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल किया है उनमें मनोरंजन डी, ललित झा, अमोल शिंदे, महेश कुमावत, सागर शर्मा और नीलम आजाद शामिल हैं. दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल पहली चार्जशीट करीब एक हजार पन्नों की है. घटना 13 दिसंबर 2023 की है जब संसद की विजिटर गैलरी से दो आरोपी चैंबर में कूदे. कुछ ही देर में एक आरोपी ने डेस्क के ऊपर चलते हुए अपने जूतों से कुछ निकाला और अचानक पीले रंग का धुआं निकलने लगा. इस घटना के बाद सदन में अफरातफरी मच गई. हंगामे और धुएं के बीच कुछ सांसदों ने इन युवकों को पकड़ लिया और इनकी पिटाई भी की. कुछ देर के बाद संसद के सुरक्षाकर्मियों ने दोनों युवकों को कब्जे में ले लिया. संसद के बाहर भी दो लोग पकड़े गए जो नारेबाजी कर रहे थे और पीले रंग का धुआं छोड़ रहे थे।





