
उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी और शीतलहर ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। नए साल के पहले ही दिन मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। घना कोहरा, गलन भरी ठंड और कई क्षेत्रों में हुई हल्की बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए, जिससे ठंड का असर और भी तीव्र हो गया।
सर्दी की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने एहतियातन बड़ा कदम उठाते हुए शिक्षा विभाग को आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार 2 जनवरी, शुक्रवार को जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा नर्सरी से लेकर 12वीं तक शैक्षणिक कार्य स्थगित रहेगा। यह आदेश सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, वित्तविहीन तथा सभी बोर्डों से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ शिक्षा विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घने कोहरे के कारण सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम रही, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी नजर आई। कई स्थानों पर लोग अलाव का सहारा लेते दिखाई दिए। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।






