
नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देशवासियों को बड़ी खुशखबरी दी है। उन्होंने घोषणा की कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 को पटरियों पर दौड़ेगी। यह तारीख स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी होने के कारण विशेष महत्व रखती है, क्योंकि पहले भी इस परियोजना को 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब 2027 का नया टारगेट तय किया गया है। रेल मंत्री ने मजाकिया लहजे में कहा, “बुलेट ट्रेन की टिकट अभी से बुक करा लीजिए, क्योंकि यह हकीकत बनने वाली है।”
यह बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलेगी, जो भारत की सबसे महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं में से एक है। कुल 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की अधिकांश हिस्सा एलिवेटेड होगा, जिसमें 7 किलोमीटर समुद्र के नीचे टनल भी शामिल है। जापान की शिंकानसेन तकनीक पर आधारित यह ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, जिससे मुंबई से अहमदाबाद का सफर मात्र 2 घंटे में पूरा हो जाएगा। वर्तमान में यह दूरी सड़क या रेल से 7-8 घंटे लगती है।
परियोजना चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी। सबसे पहले सूरत से बिलिमोरा (लगभग 50 किमी) के बीच सेवा शुरू होगी। इसके बाद वापी-सूरत, फिर वापी-अहमदाबाद, थाने-अहमदाबाद और अंत में पूरा मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर ऑपरेशनल होगा। गुजरात में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां अधिकांश वायाडक्ट, पुल और स्टेशन तैयार हो चुके हैं। महाराष्ट्र में भी भूमि अधिग्रहण के बाद प्रगति बढ़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2025 में सूरत स्टेशन का दौरा कर काम की समीक्षा की थी।
यह परियोजना न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगी। मुंबई, थाने, वापी, सूरत, वडोदरा, आनंद और अहमदाबाद जैसे शहरों को जोड़कर यह एक आर्थिक कॉरिडोर बनेगा। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) से सॉफ्ट लोन के साथ करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना भारतीय रेल के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी।







