
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विधानसभा के चालू सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए ₹24,496.98 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। वित्त मंत्री द्वारा सदन में रखे गए इस बजट का उद्देश्य राज्य की विकास योजनाओं को गति देना और विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना है।
अनुपूरक बजट में बुनियादी ढांचे के विकास, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह बजट उन योजनाओं के लिए जरूरी है, जिनकी लागत में वृद्धि हुई है या जिन्हें समय पर पूरा करना आवश्यक है। इसके साथ ही केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं में राज्यांश के रूप में भी धनराशि का प्रावधान किया गया है।
बजट में सड़क निर्माण, पुलों, शहरी और ग्रामीण विकास, पेयजल, स्वच्छता तथा ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण और उच्च शिक्षा संस्थानों के विकास के लिए अतिरिक्त राशि रखी गई है, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अस्पतालों और चिकित्सा सुविधाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
सरकार का दावा है कि यह अनुपूरक बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा और रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायक होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और बजट का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। विपक्षी दलों ने बजट पर सवाल उठाते हुए इस पर विस्तृत चर्चा की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार को बजट के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वहीं, सरकार ने इसे विकासोन्मुखी और जनहितकारी बजट बताते हुए सदन का समर्थन मांगा।








