
नई दिल्ली: लोकसभा में बुधवार को ‘VB-जी राम जी’ बिल पेश किया गया, जो राजनीतिक और सामाजिक सुर्खियों में छा गया। बिल के नाम को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच गरम बहस देखने को मिली।
विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि सरकार का यह कदम नाम बदलने की सनक है और इससे जनता के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल का उद्देश्य सिर्फ राजनीतिक लाभ उठाना है, न कि देशहित में कोई वास्तविक सुधार करना। प्रियंका ने कहा कि संसद में इस तरह के बिल पेश करने से सामाजिक और धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा सकता है।
वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी संसद में बोलते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा, “राम का नाम बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। ऐसा करना सांस्कृतिक दृष्टि से अनुचित है। हमें धर्म और परंपराओं का सम्मान करते हुए कानून बनाना चाहिए।”
सरकार के समर्थक सांसदों ने बिल के पक्ष में बहस करते हुए बताया कि यह कदम सामाजिक सुधार और प्रशासनिक सुगमता के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बिल में नाम परिवर्तन के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं, बल्कि प्रशासनिक और पहचान संबंधी सुधार है। संसद में इस बिल को लेकर तीखी बहस और सवाल-जवाब जारी रहे। विपक्ष ने सरकार से कहा कि बिल को पारित करने से पहले सार्वजनिक राय और धार्मिक परंपराओं का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।









