
ढाका। बांग्लादेश में तख्तापलट के करीब डेढ़ साल बाद नए सिरे से लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अंतरिम सरकार ने 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव कराने की तारीख घोषित कर दी है। 5 अगस्त 2024 को सेना समर्थित राजनीतिक गठजोड़ द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद देश में आपातस्थिति जैसे हालात बन गए थे। इसके बाद से ही बांग्लादेश एक अंतरिम शासन व्यवस्था के तहत चल रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है और चुनाव को हिंसा-मुक्त रखने के लिए सेना, रैपिड एक्शन बटालियन और स्पेशल पुलिस यूनिट्स को तैनात किया जाएगा। देश में पिछले 18 महीनों में हिंसक प्रदर्शन, आर्थिक अस्थिरता और राजनीतिक ध्रुवीकरण के कारण प्रशासन पर चुनाव जल्दी कराने का दबाव था। चुनाव आयोग ने कहा कि इस बार पहली बार सभी मतदान केंद्रों पर लाइव निगरानी की जाएगी।
इस चुनाव में प्रमुख मुकाबला अंतरिम सरकार समर्थित गठबंधन और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के बीच होने की संभावना है। अवामी लीग, जिसे हसीना के बाहर जाने के बाद गंभीर झटका लगा, अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि वह चुनाव में किस नेतृत्व के साथ उतरेगी।अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासतौर पर भारत, अमेरिका और यूरोपीय संघ, चुनाव प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखे हुए है। चुनाव घोषित होने के बाद ढाका के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है और अगले कुछ दिनों में उम्मीदवारों की सूची जारी होने की उम्मीद है।









