
नई दिल्ली: देश की प्रमुख एयरलाइंस इंडिगो में लगातार क्रू संकट और उड़ान रद्दीकरण के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सिविल एविएशन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी एयरलाइन को यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की अनुमति नहीं है। हाल ही में खबर आई थी कि 500 किलोमीटर की दूरी की फ्लाइट के लिए कुछ यात्रियों से 7,500 रुपये तक किराया वसूला गया, जो सामान्य दरों से कई गुना अधिक है। सरकार ने इस तरह की वसूली को गंभीर उल्लंघन बताया और सभी एयरलाइंस को चेतावनी दी कि वे निर्धारित किराया दरों का पालन करें।
मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि प्रभावित यात्रियों को पूरी राशि वापस की जाए और उन्हें उचित सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, सभी एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करना होगा कि उड़ानों में व्यवधान की स्थिति में भी किराया बढ़ाया न जाए।
इंडिगो प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी यात्रियों से हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करती है और रिफंड तथा रूटीन शुल्क न बढ़ाने की प्रक्रिया पर पूरी तरह ध्यान दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगले 24-48 घंटे में संकट नियंत्रण में आ जाएगा और यात्रियों को राहत मिलना शुरू हो जाएगी।सिविल एविएशन मंत्रालय ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने टिकट और उड़ान की स्थिति नियमित रूप से एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से जांचते रहें। इस निर्णय से यात्रियों को मनमाने शुल्क से बचने और एयरलाइंस की जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।







