
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। सुशासन और विकास कार्यों के लिए उन्हें लंदन स्थित World Book of Records में स्थान मिला है। इस मान्यता को बिहार के शासन मॉडल के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। संस्था ने नीतीश कुमार को राज्य में प्रशासनिक सुधार, कानून-व्यवस्था को लेकर किए गए प्रयासों और सामाजिक सुधार अभियानों—विशेषकर शराबबंदी, बाल विवाह रोकथाम और दहेज मुक्त समाज—को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सराहा है।
विश्व स्तर पर जारी प्रमाणपत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री का शासन मॉडल “सामाजिक चेतना को नीतिगत सुधार से जोड़ने का उदाहरण” है। नीतीश सरकार द्वारा लंबे समय से चलाए जा रहे सुधार अभियानों का असर गांवों से लेकर शहरों तक देखा गया है। शराबबंदी लागू होने के बाद बिहार में सामाजिक हिंसा तथा सड़क हादसों में कमी के आंकड़े कई बार सरकार द्वारा पेश किए जा चुके हैं। साथ ही, ‘जीवन-पर्यंत शिक्षा’ और ‘महिला सशक्तिकरण’ को मजबूत करने वाली योजनाओं को भी संस्थान ने उल्लेखनीय बताया।
नीतीश कुमार के नाम दर्ज इस रिकॉर्ड को राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही संदर्भों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस मान्यता से बिहार की छवि सकारात्मक रूप से मजबूत होगी। खासकर उन योजनाओं को वैश्विक स्तर पर चर्चा मिली है जिनमें सामाजिक सुधार को प्रशासनिक फैसलों से जोड़ने का प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को बिहार के लोगों को समर्पित करते हुए कहा कि “यह मान्यता जनता की भागीदारी, सरकारी कर्मचारियों की मेहनत और समाज में सकारात्मक बदलाव की इच्छा का परिणाम है।” उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करेगा।






