
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने कमाल कर दिखाया है। शुरुआती रुझानों से लेकर अंतिम चरण तक, एनडीए आरामदायक बढ़त बनाए हुए है। बीजेपी और जेडीयू दोनों ही दलों के दफ्तरों में जश्न का माहौल है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह जीत “विकास, स्थिरता और सुशासन” की जीत है।एनडीए की इस मजबूत बढ़त ने विपक्षी महागठबंधन को गहरी निराशा में डाल दिया है। आरजेडी और उसके सहयोगी दलों को उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिल पाया। चुनावी रणनीति, उम्मीदवार चयन और सीट शेयरिंग जैसे मुद्दों पर विपक्ष को भारी नुकसान उठाना पड़ा। बीजेपी और जेडीयू नेताओं ने महागठबंधन की ओर से ‘बदलाव’ के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि जनता ने यह दिखा दिया है कि वे बकवास नहीं, विकास को वोट देती है।इसी बीच बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पार्टी की भविष्य की योजना भी साफ कर दी। उन्होंने कहा कि बिहार जीतने के बाद बीजेपी अब पश्चिम बंगाल पर फोकस करेगी। गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार की जनता ने शांति, न्याय और विकास पर मोहर लगाई है और अब पार्टी का अगला लक्ष्य बंगाल में सत्ता परिवर्तन का होगा।बीजेपी नेतृत्व का दावा है कि एनडीए 160 से अधिक सीटों के साथ आराम से सरकार बनाएगा। चुनाव से पहले ही बीजपी ने 225 सीटों का टारगेट रखा था, जिसे लेकर पार्टी पूरी तरह आत्मविश्वास से भरी है।बिहार के नतीजों ने साफ कर दिया है कि मोदी-नीतीश की जोड़ी अभी भी जनता में मजबूत भरोसे का प्रतीक बनी हुई है।








