
फतेहपुर- जिले के अबूनगर मोहल्ले में स्थित नवाब अब्दुल समद के लगभग 200 साल पुराने मकबरे को लेकर सोमवार को विवाद भड़क गया। हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं ने इसे “ठाकुर जी का प्राचीन मंदिर” बताते हुए पूजा व जीर्णोद्धार की घोषणा की, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। पूजा के दौरान सैकड़ों की भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़कर परिसर में प्रवेश किया, भगवा झंडा लगाया और कथित तौर पर संरचना को नुकसान पहुंचाया। विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और अधिकारी पहुंचे। हालात को काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। फतेहपुर के एसपी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि “धार्मिक स्थल में जबरन घुसपैठ, सरकारी कार्य में बाधा और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”वहीं, डीएम रविंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि “स्थिति अब नियंत्रण में है और किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”घटना के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे “भाजपा की साजिश” बताया, जबकि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शेगी नहीं।








