वाराणसी। श्रावण मास के पहले सोमवार को बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु वाराणसी पहुंचे। तड़के सुबह से ही काशी विश्वनाथ धाम के गलियारों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। लगभग 2,000 पुलिसकर्मियों, PAC, ATS और NDRF की टीमों को सुरक्षा में लगाया गया है। मंदिर परिसर में ड्रोन कैमरे, CCTV निगरानी, बैरिकेडिंग और हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग लाइनें, खोया-पाया केंद्र, अमानती घर, पेयजल, मेडिकल टीम और ग्लूकोज़ वितरण केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए कई मार्गों पर वाहन प्रतिबंध लागू किए गए हैं और प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन भी किया गया है।
काशी विश्वनाथ मंदिर को सावन के पहले सोमवार के लिए भव्य तरीके से सजाया गया है। बाबा विश्वनाथ की ‘नीलकंठ’ रूप में विशेष आरती और श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा भी की गई। स्थानीय यादव समाज द्वारा परंपरागत जलाभिषेक यात्रा निकाली गई, जिसमें हज़ारों की संख्या में लोग शामिल हुए।
गंगा घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई, जिस कारण प्रशासन ने जल पुलिस और गोताखोरों की टीम को हाई अलर्ट पर रखा। गंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह से घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि वे धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए धैर्य और अनुशासन बनाए रखें। मोबाइल, कीमती सामान साथ न लाने की सलाह भी दी गई है।
श्रावण के इस पहले सोमवार ने काशी को फिर एक बार आस्था, श्रद्धा और अध्यात्म के रंगों में रंग दिया। अगले चार सोमवारों तक यह धार्मिक उत्सव इसी तरह जारी रहेगा, और प्रशासन ने इसके लिए पूरी तैयारियों का खाका पहले ही तैयार कर लिया है।









