प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान मंगलवार-बुधवार की रात हुई भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई और 60 लोग घायल हो गए, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गाइडलाइंस जारी करने और इन गाइडलाइंस के सख्ती से पालन की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित अथॉरिटीज़ की लापरवाही की भी आलोचना की है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि अनुच्छेद 21 के तहत हर व्यक्ति को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है, और इस अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए। एडवोकेट विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में यह रिट दाखिल की और मांग की कि इस तरह की भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। याचिका में महाकुंभ के दौरान व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए अदालत से दिशा-निर्देश देने की अपील की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
यह याचिका तब दायर की गई है जब प्रशासन ने महाकुंभ में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कई सुधारात्मक कदम उठाने शुरू किए हैं, लेकिन इस हादसे ने लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।









