1989 के बाद वक्फ के नाम की गई सार्वजनिक संपत्तियां होंगी वापस
गाजियाबाद। वर्ष 1989 के बाद वक्फ के नाम की गई सार्वजनिक संपत्तियां वापस राजस्व विभाग के नाम दर्ज की जाएंगी। इसके लिए प्रदेश सरकार के निर्देश पर गाजियाबाद में भी सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे में बंजर, ऊसर, भीटा व अन्य ऐसी जमीनों का रिकार्ड खंगाला जाएगा, जो पहले राजस्व रिकॉर्ड में थी। अक्तूबर माह में इस सर्वे को पूरा कर तहसील और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारी यूपी सरकार को रिपोर्ट भेजेंगे।
दरअसल, 1989 में शासन ने एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के आधार पर ऊसर, बंजर और भीटा की संपत्तियों को वक्फ में दर्ज करा लिया गया था। बाद में इन संपत्तियों को अनियमितता करके बेचा जा रहा था। एसीएम व प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी चंद्रेश कुमार का कहना है कि प्रदेश सरकार ने अप्रैल 1989 में जारी किए गए शासनादेश को रद्द कर दिया गया है। शासन ने सर्वे कराकर वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में अब सार्वजनिक संपत्तियों का ब्यौरा भी तैयार किया जा रहा है। उनका कहना है कि अक्तूबर माह के अंत तक सर्वे पूरा कर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।










