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दागी इंस्पेक्टर और अफसर फील्ड पोस्टिंग ना पाएं- मुख्यमंत्री

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मनीष गुप्ता हत्याकांड: मुख्यमंत्री योगी बोले- दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें, अपराध में लिप्त अफसरों को बर्खास्त करें


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की हत्या पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं साथ ही गलत कार्यों में लिप्त पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में कानपुर के व्यवसाई मनीष गुप्ता की पुलिस द्वारा पीट कर की गई हत्या के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि गंभीर अपराधों में लिप्त पुलिस अधिकारी व कर्मी बर्खास्त किए जाएंगे। उन्होंने मातहतों को निर्देश दिए हैं कि वह दागी पुलिस कर्मियों और अधिकारियों की सूची उपलब्ध कराएं। पुलिस कर्मियों द्वारा संचालित अवैध गतिविधियां किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने टीम-9 की बैठक में कहा कि हाल के दिनों में कई पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के अवैध गतिविधियों में लिप्त होने की शिकायतें मिली हैं। इस तरह की शिकायतें स्वीकार्य नहीं हैं। विभाग में ऐसे पुलिस कर्मियों के लिए कोई स्थान नहीं है। ऐसे लोगों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रमाण के साथ ऐसे लोगों को चिन्हित कर सूची उपलब्श कराएं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में दागियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अति गंभीर अपराधों में लिप्त पुलिस अधिकारियों और कार्मिकों की बर्खास्तगी की जाए। इसके अलावा दागी पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को फील्ड में तैनाती न दी जाए।
डीजीपी मुकुल गोयल ने बताया कि दागी पुलिस कर्मियों व अधिकारियों को चिन्हित करने के लिए दो अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं। अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक की जांच के लिए बनाई गई कमेटी में डीजी इंटेलीजेंस डीएस चौहान को अध्यक्ष और एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार व सचिव गृह विभाग तरुण गाबा को सदस्य बनाया गया है। जबकि दूसरी समिति जो इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर की स्क्रूटनी करेगी उसमें एडीजी कानून व्यवस्था को अध्यक्ष और एडीजी स्थापना संजय सिंघल व सचिव गृह बीडी पाल्सन को सदस्य बनाया गया है। डीजीपी ने बताया कि जल्द ही यह दोनों समितियां अपनी रिपोर्ट देंगी और फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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उधर अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि गोरखपुर से जुड़े मामले में जोन के एडीजी अखिल कुमार को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई है। इस संबंध में वायरल हो रहे जिलाधिकारी और वरिष्इ पुलिस अधीक्षक गोरखपपुर के वीडिया की भी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन पुलिस कर्मियों पर पिटाई का आरोप लगा है उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

बता दें कि मनीष गुप्ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है जिससे साफ हो गया है कि उनकी मौत पुलिस प्रताड़ना के कारण हुई है। उनके सिर, चेहरे सहित पूरे शरीर पर बर्बरता के निशान हैं। वहीं, प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने भी कहा है कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

कानून मंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। मामले में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा कि कोई भी कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता है। भले ही वह कितना भी बड़ा अधिकारी हो। मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा। सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। परिवार की सभी मांगें मानी जाएंगी।

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