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covid-19 महामारी में ग्रामीण इलाके में हो रही मौतें, मेडिकल सुविधा और ऑक्सीजन के लिए तरस रहे ग्रामीण

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covid-19 महामारी में ग्रामीण इलाके में हो रही मौतें, मेडिकल सुविधा और ऑक्सीजन के लिए तरस रहे ग्रामीण

covid-19 महामारी को फ़ैलने से रोकने और गाँव-गाँव में मेडिकल सुविधा पहुंचाने के दावे में कितनी सच्चाई है, ये हकीकत जिले के घाटमपुर कोतवाली के एक गाँव में हो रहे मौतों को देखकर लगाया जा सकता है. इस गांव के रहने वाले ग्रामीणों का आरोप है कि आक्सीजन ना मिलने की वजह से करीब 25 लोग मौत के काल में समा गए. और बहुत से लोग जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

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covid-19 ऑक्सीजन ना मिलने से खामोश हो गयी कई जिंदगियां

केस स्टडी 01 

ऑक्सीजन ना मिलने से घाटमपुर कोतवाली के गांव जंहागीराबाद में रहने वाले महेश की पत्नी सुनीता को कुछ दिनों पहले बुखार और शर्दी ज़ुखाम हुआ, महेश ने पहले अपनी पत्नी का इलाज घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में कराया, लेकिन जब उनका स्वास्थ सही नहीं हुआ तो अपनी पत्नी को लेकर कानपुर पहुंचे, यहाँ  कई अस्पतालों के चक्कर लगाए मगर हर जगह डाक्टरों से इन्हें एक ही जबाब मिला आक्सीजन उपलब्ध नहीं है. अपनी पत्नी को बचाने के लिए महेश ने अपने स्तर से सारे प्रयास कर डाले, मगर सिस्टम के लचर रवैये के आगे बिना  आक्सीजन के उसकी पत्नी सुनीता ने दम तोड़ दिया।

केस स्टडी 02

इसी गांव के रहने वाले बुजुर्ग राजा को भी कुछ दिनों पहले सांस लेने में दिक्कत होने लगी. जिसपर इनके पोते जीतेन्द्र ने कई सरकारी अस्पतालों में दिखाया, डाक्टरों ने आक्सीजन का इंतजाम करने को कहा लेकिन इंतजाम नहीं हो सका, जीतेन्द्र अपने बाबा को लेकर वापस गांव आ गए और डाक्टर द्धारा दी गई दवा से इलाज करने लगे, इसके बाद भी जीतेन्द्र अपने बाबा को बचाने के लिए आक्सीजन का इंतजाम करने के लिए बहुत जगह दौड़े, लेकिन आक्सीजन नहीं मिला और उनके बाबा इस दुनिया को अलविदा कह गए।

covid-19 epidemic people die in rural areas villagers craving for oxygen and medical facilities
Village name

covid-19 महामारी के दौरान घाटमपुर कोतवाली के जंहागीराबाद गांव में करीब 25 लोगो की मौत हो चुकी है, अधिकतर लोगो की आक्सीजन ना मिलने की वजह से मौत हो गई, स्वास्थ विभाग को जब इसकी जानकारी हुई तो गांव में सेनिटाइजेश का काम करवाया गया, बाद में इसे बंद कर दिया गया. जिसके बाद गांव के प्रधान अमर सिंह यादव ने पुरे गाँव में खुद ही दवा का छिड़काव करने लगे, इनकी माने तो मरने वालों में आठ महिलाये बाकी पुरुष है. उनके मुताबिक़ करीब पंद्रह लोगो की मौत आक्सीजन ना मिलने की वजह से हुयी।

covid-19 epidemic people die in rural areas villagers craving for oxygen and medical facilities
Senetization in Village

covid-19 कोरोना महामारी की दहशत एसी कि गांव की सड़के सुनसान है, और ग्रामीण अपने घरो में दुबके पड़े है. ऐसे में सरकारी दावे और आकंड़े पर भरोषा करना मुश्किल हो जाता है. बहरहाल इस गाँव को जरुरत है मेडिकल सहायता की जिससे और ग्रामीणों की जान ना जाय।

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