
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचाते हुए आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बहाने बीजेपी उत्तर प्रदेश में NRC लागू करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया संदिग्ध है और इससे आम लोगों को परेशान किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि करीब दो करोड़ लोगों का डेटा पहले मैप किया गया और फिर अचानक अनमैप कर दिया गया। उन्होंने इसे “डेटा की डकैती” करार देते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर चुनावी धांधली की ओर इशारा करता है। सपा अध्यक्ष का आरोप है कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए ED और CBI जैसी एजेंसियों का सहारा ले रही है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता इन एजेंसियों से बचे रहते हैं, जबकि विपक्षी नेताओं और आम लोगों को फंसाया जा रहा है। अखिलेश ने चुनाव आयोग से मांग की कि वह केंद्र और राज्य सरकार के आंकड़ों में अंतर को लेकर स्थिति स्पष्ट करे।
सिरधना कांड का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि इसमें बीजेपी से जुड़े लोगों की भूमिका है, लेकिन सरकार सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार जवाबदेही से बच रही है और जनता का भरोसा टूट रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी अखिलेश ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था बेहतर थी, जबकि अब महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
अखिलेश यादव ने साफ कहा कि सपा लोकतंत्र, संविधान और मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी और किसी भी तरह की चुनावी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।









