
रोमियो-जूलियट कानून? पॉक्सो में बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट का सरकार को सुझाव
सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के कथित दुरुपयोग पर गंभीर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार को अहम सुझाव दिया है। अदालत ने कहा है कि आपसी सहमति से बने किशोरों के प्रेम संबंधों को पॉक्सो कानून के कठोर प्रावधानों के तहत अपराध की श्रेणी में लाना कई बार अन्यायपूर्ण हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने ‘रोमियो-जूलियट क्लॉज’ लाने पर विचार करने की बात कही है।
सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि कम उम्र के किशोरों के बीच सहमति से बने रिश्तों और शोषण के मामलों में स्पष्ट अंतर होना चाहिए। कई मामलों में परिवार की नाराजगी के चलते सहमति से बने संबंधों को भी आपराधिक मुकदमे में बदल दिया जाता है, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है।
कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करे और ऐसा कानूनी प्रावधान तैयार करे, जिससे वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिले और कानून का दुरुपयोग रोका जा सके।









