
देहरादून। उत्तराखंड की बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा फैसला लेते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जांच की संस्तुति की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस गंभीर मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना चाहती है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और जनता का विश्वास बना रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस प्रकरण से पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सरकार शुरू से ही दोषियों को सख्त सजा दिलाने के पक्ष में रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्हें देखते हुए CBI जांच कराए जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे किसी भी तरह की शंका या सवाल की गुंजाइश न रहे।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश में लंबे समय से CBI जांच की मांग उठ रही थी। विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और आम नागरिकों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मुख्यमंत्री के इस फैसले को जनभावनाओं के अनुरूप कदम माना जा रहा है।
सरकार के अनुसार, CBI जांच से मामले के हर पहलू की गहनता से जांच होगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या साजिश सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी।
इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे देर से लिया गया कदम बताया, वहीं सत्तारूढ़ दल ने इसे न्याय की दिशा में मजबूत पहल करार दिया है। अब सभी की निगाहें CBI जांच की प्रक्रिया और उससे सामने आने वाले निष्कर्षों पर टिकी हैं।








