महाराष्ट्र के एक मौलाना द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी पर उत्तर प्रदेश का सिख समाज आक्रोशित हो गया है। सिख समुदाय ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध में प्रदेश के 45 जिलों से सिख प्रतिनिधि शामिल हुए
सिख समाज का कहना है कि योगी आदित्यनाथ केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि गोरक्ष पीठ के पीठाधीश्वर भी हैं, जो एक धार्मिक पद है। ऐसे में उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी सिख समाज को स्वीकार नहीं है। प्रदर्शन कर रहे सिख नेताओं ने कहा कि मौलाना का बयान न केवल अपमानजनक है, बल्कि समाज में वैमनस्य फैलाने वाला भी है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि सिख धर्म सभी धर्मों का सम्मान करता है, लेकिन अगर किसी धर्मगुरु या नेता के खिलाफ अनावश्यक टिप्पणी की जाती है, तो उसका विरोध करना जरूरी हो जाता है। महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लेकर मौलाना के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सिख समाज ने योगी आदित्यनाथ के समर्थन में कहा कि वे उनके सम्मान की रक्षा के लिए ‘ढाल’ बनकर खड़े रहेंगे।









