
बीजेपी की प्रशंसा के बाद निष्कासित हुईं विधायक पूजा का सपा पर बड़ा हमला, जताई हत्या की आशंका
सपा में मुस्लिमों को पहली श्रेणी का नागरिक बताया, अखिलेश यादव पर लगाए दोहरे मापदंड के आरोप
लखनऊ। समाजवादी पार्टी से निष्कासित की गईं विधायक पूजा पाल ने शुक्रवार को पार्टी नेतृत्व पर खुला हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नाम एक पत्र साझा किया.. साथ ही कहा कि पार्टी में पिछड़ों और दलितों को द्वितीय श्रेणी का नागरिक माना जाता है, जबकि मुस्लिम समुदाय से जुड़े नेताओं को विशेष तवज्जो दी जाती है, भले ही उन पर गंभीर आरोप क्यों न हों।
विधायक ने पत्र में लिखा है कि “यदि मेरी हत्या होती है, तो उसके लिए सपा और खुद अखिलेश यादव जिम्मेदार होंगे।” उन्होंने यह भी दावा किया है कि उन्हें इंटरनेट मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं और “हो सकता है कि मेरे पति की तरह मेरी भी हत्या कर दी जाए।”
‘एक अपराध, दो मापदंड’ का आरोप
पूजा पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विधानमंडल सत्र के दौरान की गई प्रशंसा के बाद भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी को वोट देने पर खुद के निष्कासन को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि, आपने भी कांस्टीट्यूशनल क्लब, दिल्ली के चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी को वोट दिया। फिर वही काम जब एक पिछड़ी जाति की बेटी करती है तो वह गुनाह बन जाता है?” उन्होंने अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव का भी जिक्र करते हुए कहा कि जब वही काम वे करती हैं, तो उसे पार्टी नेतृत्व सही मानता है। पूजा पाल ने इसे दोहरे मापदंड और जातीय भेदभाव का मामला बताया है।
‘सपा में अपराधियों को संरक्षण’ का आरोप
अपने पत्र में विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में यदि कोई मुस्लिम बड़ा अपराधी भी हो, तो उसे सम्मान और ताकत दी जाती है, जबकि पिछड़ी जातियों और दलितों के साथ अन्याय होता है।
पार्टी से निष्कासन के बाद उपजा विवाद
गौरतलब है कि हाल ही में पूजा पाल को समाजवादी पार्टी ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर भाजपा उम्मीदवार को राज्यसभा चुनाव में समर्थन देने के आरोप में निष्कासित कर दिया था। तब से ही पार्टी और विधायक के बीच तनातनी का माहौल बना हुआ है।









