प्रयागराज महाकुंभ में अब तक 19.94 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया है और यह आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है। मौनी अमावस्या के दिन संगम तट पर हुई भगदड़ के बाद प्रयागराज और उसके आस-पास के जिलों की सीमाएं सील कर दी गई हैं। इस वजह से श्रद्धालुओं के वाहनों को रोका गया है, जिससे इन जिलों में भारी भीड़ हो गई है।इस भीड़-भाड़ के कारण अंबेडकरनगर जिले में 30 और 31 जनवरी को इंटरमीडिएट तक के स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है। महाकुंभ के चलते ट्रैफिक में भारी वृद्धि हुई है, खासकर अयोध्या और प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं के कारण। जिला प्रशासन ने इस बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक समस्या को देखते हुए छुट्टी की घोषणा की है।प्रशासन की यह पहल श्रद्धालुओं और आम जनजीवन की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए की गई है। महाकुंभ के दौरान बढ़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। सुल्तानपुर में मौनी अमावस्या के दिन भारी भीड़ के कारण जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी बोर्ड के विद्यालयों में 30, 31 जनवरी और 1 फरवरी को अवकाश घोषित किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक रविशंकर ने इसका आदेश जारी किया है। वहीं, जौनपुर में भी 30 जनवरी को स्कूल बंद रखे गए हैं।वाराणसी में स्थिति और गंभीर है क्योंकि महाकुंभ से लौटने वाले अधिकांश श्रद्धालु काशी विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए शहर में आ रहे हैं। इस वजह से शहर में अत्यधिक भीड़ और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने 23 जनवरी से 5 फरवरी तक 12वीं तक के स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है। वाराणसी से सटे चंदौली में भी 30 जनवरी तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इन कदमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भीड़ को नियंत्रित करना है।








