
प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए बनाना होगा यूट्यूब चैनल
परीक्षा की रिकॉर्डिंग यूट्यूब चैनल पर करनी होगी अपलोड
यूजी-पीजी विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 28 नवंबर से होंगी
पीआरएसयू की परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया निर्णय
प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय ने प्रयोगात्मक परीक्षा में पारदर्शिता के लिए अहम निर्णय लिया है। अब प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए कॉलेजों को यूट्यूब चैनल अनिवार्य रूप से बनाना होगा। इस चैनल पर प्रयोगात्मक परीक्षा की लाइव रिकॉर्डिंग अपलोड करनी होगी। इसके साथ ही पूरी रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव में विवि प्रशासन को भी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। ऐसा न करने पर परीक्षा के अवार्ड मान्य नहीं होंगे। यह निर्णय कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया है।कुलपति ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2023-24 के स्नातक, परास्नातक और व्यावसायिक पाठ्यक्रम (एलएलबी एवं बीएड को छोड़कर) विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 28 नवम्बर से 23 दिसम्बर के मध्य दो पालियों में (सुबह 10 से 12 बजे तथा दोपहर 02 से 04 बजे तक) सम्पन्न होंगी। जिन पाठ्यक्रमों की सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी उनकी प्रायोगिक और मौखिक परीक्षाएं 16 से 25 नवंबर के मध्य अनिवार्य रूप से कॉलेजों को सम्पन्न करानी होगी। इन परीक्षाओं का आयोजन से पूर्व निर्धारित प्रक्रिया जिसमें आन्तरिक एवं वाह्य परीक्षकों की नियुक्ति की सूचना तीन दिवस पूर्व विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी। प्रायोगिक और मौखिक परीक्षा में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों की अवार्ड लिस्ट कॉलेज लॉग-इन/टीचर लॉग-इन पर उपलब्ध कराई जाएगी।
बीएड और एलएलबी की परीक्षा पांच जनवरी से
एलएलबी एवं बीएड का कोर्स 31 दिसम्बर तक अनिवार्य रूप से कॉलेजों को पूरा करना होगा। एलएलबी एवं बीएड में प्रवेश में कुछ विलम्ब होने तथा सेमेस्टर पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित अवधि पूर्ण न होने के कारण इनकी परीक्षाएं पांच से 12 जनवरी 2024 के मध्य होगी। विश्वविद्यालय परिसर एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों में धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा एवं भैयादूज के उपलक्ष्य में 10 से 15 नवंबर तक शैक्षिक कार्य बंद रहेगा। इसके बाद 16 नवंबर से शैक्षिक कार्य शुरू होंगे।
सेमेस्टर परीक्षा का संशोधित कार्यक्रम जारी
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीएएलएलबी के सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए शुक्रवार को संशोधिक परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। पीआरओ प्रो. जया कपूर की ओर से जारी सूचना के मुताबिक बीएएलएलबी सातवें सेमेस्टर की परीक्षा 23 नवंबर से प्रारम्भ होकर 14 दिसंबर के मध्य आयोजित की जाएगी। नौवें सेमेस्टर की मुख्य परीक्षा 24 नवंबर से 15 दिसंबर के मध्य से 2 बजे से 5 बजे के बीच होगी।
प्राइमरी स्कूलों में छमाही परीक्षा आज से, पेपर-कॉपी का पता नहीं
बेसिक शिक्षाधिकारी ने चार नवंबर से परीक्षा कराने के लिए भेजा पत्र
स्कूल के हेड मास्टर को ही कॉपी और पेपर की व्यवस्था करने का निर्देश
पिछला भुगतान न होने से पेपर-कॉपी की व्यवस्था से कतरा रहे प्रिंसिपल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के परिषदीय विद्यालयों में परीक्षाओं का अजब-गजब हाल है। शनिवार से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शनिवार से अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रहीं हैं लेकिन पेपर और कॉपी का पता भी नहीं है। परिषद ने न प्रश्न पत्र छपवाए हैं और न ही उत्तर पुस्तिकाएं मिली हैं। साथ ही विद्यालयों के हेड मास्टर और खण्ड शिक्षा अधिकारियों को अपने स्तर से परीक्षाएं कराने के निर्देश दे दिए हैं।प्राइमरी स्कूलों में चार नवम्बर से मौखिक परीक्षाएं और छह नवम्बर से लिखित परीक्षाएं होनी हैं। लेकिन प्राइमरी स्कूलों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का ये हाल है कि अब प्रश्न पत्र की फोटो कॉपी करा के परीक्षाएं संचालित की जाएगी और विद्यालय स्तर पर ही कॉपियों का भी इंतजाम किया जाएगा। प्राइमरी स्कूलों के हेड मास्टर और शिक्षक परिक्षाएं को अपने स्तर से संचालित किए जाने को लेकर परेशान हैं। पिछले सत्र की वार्षिक परीक्षा में शिक्षकों ने अपनी जेब से पैसे लगाकर जो परीक्षा करायी थी। उसका भुगतान भी अभी तक नहीं किया गया है। अब एक और परीक्षा कराने का जोखिम शिक्षक नहीं उठाना चाह रहे हैं। बिना बजट के परीक्षाएं संचालित करना विद्यालय के शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती है।
कई विद्यालयों ने बच्चों से कॉपी मंगवाई
परिषदीय विद्यालयों की ऐसी स्थिति है कि परीक्षा के लिए कॉपियों बच्चों से मंगायी जा रही है। विद्यालय स्तर पर परीक्षा कराने के निर्देश के बाद कई विद्यालयों ने बच्चों से स्वयं कॉपी लेकर आने का का है। वहीं प्रश्न पत्र को तैयार कर उसकी फोटो कॉपी जाएंगी।
-शिक्षकों पर दबाव बनाकर परीक्षा कराने के निर्देश दिए गए हैं। अर्द्धवार्षिक परीक्षा संचालित करने के लिए विभाग की ओर से बजट जारी नहीं किया गया है। इसके लिए शिक्षकों को अपनी जेब से परीक्षाएं संचालित करना पड़ रहा है। जिसका भुगतान कब होगा पता नहीं
सुधांशु मोहन, अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
-कक्षा एक से पांच तक छात्रों के लिए 10 रुपए और कक्षा छह से आठ के छात्रों की उत्तर पुस्तिका के लिए 20 रुपए का प्रावधान है। लेकिन अब ये पैसा शिक्षकों के अपनी जेब से देना पड़ रहा है। पिछले वर्ष की परीक्षाओं में जो पैसा लगाया गया था, उसका भगुतान भी अभी तक नहीं किय गया है।
वीरेन्द्र सिंह, जिला मंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ
-विद्यालयों को अपने स्तर से परीक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए है। परीक्षा के मद में जो खर्च आएगा उसका भुगतान प्रधानाध्यापकों को बाद में किया जाएगा।
अरुण कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
एलयू: कॉलेजों को बीएड़ में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की देनी होगी सूची
एलयूआरएन पंजीकरण के लिए एडमिशन लेने वाले छात्र-छात्राओं की देनी होगी सूची
लखनऊ, संवाददाता।लखनऊ विवि से संबद्ध कॉलेजों को बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के बाद चयनितों की सूची एलयू को भेजनी होगी। जिससे छात्रों का एलयूआरएन पंजीकरण हो सके।एलयू से जुड़े जिन कॉलेजों में बीएड पाठ्यक्रम संचालित है उन कॉलेजों को बीएड़ में प्रवेश लेने के बाद चयनितों की सूची विवि के प्रवेश समन्वयक को भेजनी होगी। जिससे उन विद्यार्थियों का एलयूआरएन पंजीकरण होने में किसी तरह की दिक्कत न हो। एलयू प्रशासन के अनुसार, संयुक्त बीएड़ प्रवेश परीक्षा का आयोजन सत्र 2023-24 के लिए झांसी विवि की ओर से किया गया था। जिसकी ओर से काउंसलिंग कराकर अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटित किया जा रहा है। इसलिए ज्यादातर अभ्यर्थियों ने एलयूआरएन पंजीकरण नहीं कराया है। ऐसे में उन्हें एलयूआरएन नंबर जारी करने के लिए कॉलेजों से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की सूची मांगी गई है। इस संबंध में बहुत जल्द कुलसचिव की ओर से कॉलेजों को पत्र भी जारी कर दिया जाएगा।
केकेवी भी एडमिशन लेकर भेजे सूची
बप्पा श्री नारायण वोकेशनल पीजी कॉलेज (केकेवी) में सत्र 2023-24 से एमएससी भूगर्भ विज्ञान शुरू करने के लिए आदेश जारी कर दिया गया है। पर, एलयू प्रशासन की लेटलतीफी के चलते आदेश 27 अक्टूबर को जारी हुआ। ऐसे में एलयूआरएन पोर्टल बंद हो गया है इसलिए कॉलेज ने पोर्टल खोलने के लिए पत्र लिखा था। जिसके जवाब में कुलसचिव ने कॉलेज को अनौपचारिक रूप से कहा है कि पाठ्यक्रम में एडमिशन लेकर उसकी सूची विवि को भेज दें। जिसके बाद विवि अपने स्तर से उन छात्रों का एलयूआरएन पंजीकरण करवाएगा।
पृथ्वी की गर्मी बढ़ने पर लू से तीस गुना ज्यादा मौतें होंगी
2000 से 2019 तक हर साल 4.89 लाख मौतें हुई
अत्यधिक गर्मी की वजह से दुनियाभर में मुत्युदर वर्तमान की तुलना में 30 गुना अधिक हो सकती है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की ओर से जारी वार्षिक स्टेट ऑफ क्लाइमेट सर्विसेज रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।इस रिपोर्ट को 30 से अधिक संस्थाओं ने मिलकर तैयार की है। इसमें बताया गया है कि हीटवेव से प्रभावित दुनिया के आधे देशों(54) में ही हीट चेतावनी की व्यवस्था है। डब्ल्यूएमओ ने कहा है कि जलवायु संकट के कारण बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में दशकों की प्रगति के उलटने का खतरा है और सरकारें इसे रोकने के लिए तैयार नहीं हैं।रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2000 और 2019 के बीच गर्मी के कारण हर साल दुनियाभर में 4.89 लाख लोगों की जान गईं हैं। इसमें एशिया में सबसे ज्यादा 45 तथा यूरोप में 36 लोगों की मौते हुई हैं।
जलवायु परिवर्तन सेहत के लिए बड़ा खतरा है। यह अधिक गंभीर और अप्रत्याशित मौसम की घटनाओं को जन्म दे रहा है। बीमारी के प्रकोप को बढ़ा रहा है तथा गैर-संचारी रोगों की उच्च दर में योगदान दे रहा है।
•अटेड्रोस एडनोम घेबियस, डब्ल्यूएचओ
•भारत सहित कई देश हीटवेव की चपेट में
इस साल भारत सहित कई देश हीटवेव की चपेट में रहे। रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल के दशकों में लंबे समय तक चलने वाली भीषण गर्मी की घटनाओं की वजह से बड़ी संख्या में लोग मरे हैं। 2003 में पश्चिमी यूरोप में लू के कारण 70 हजार लोगों की मृत्यु हुई थी। 2010 में रूस, 2015 में भारत, 2019-2020 में ऑस्ट्रेलिया, 2021 में अमेरिका में और 2022 में चीन में बड़ी संख्या में मौतें हुईं। भारत में 2002 और 2009 में गर्मी और सूखे ने कृषि और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाला।
वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा
रिपोर्ट में कहा गया है कि हीटवेव वायु प्रदूषण को भी बढ़ाती है। वायु प्रदूषण पहले से ही हर साल 70 लाख लोगों को अकाल मौत मार रहा है। हीटवेव के कारण इसमें और वृद्धि होने का अनुमान है। चरम मौसम, खराब वायु गुणवत्ता, संक्रामक रोगों के पैटर्न में बदलाव का स्वास्थ्य पर असर हो रहा।
आउटसोर्सिंग कर्मी वेतन निर्धारण के लिए डिप्टी सीएम से मिले
लोहिया, पीजीआई व केजीएमयू में 20 हजार आउटसोर्सिंग कर्मी हैं तैनात
लखनऊ। वेतन निर्धारण की मांग को लेकर शु्क्रवार को आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से भेंट की। इस संबंध में जल्द वेतन निर्धारण का शासनदेश जारी कराने की मांग की।लखनऊ में मेडिकल संस्थानों में 20 हजार आउटसोर्सिंग कर्मचारी काम कर रहे हैं। केजीएमयू, लोहिया संस्थान, पीजीआई और कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में आउटसोर्सिंग कर्मचारी के वेतन निर्धारण के लिए मुख्यमंत्री की पहल पर कमेटी बनी थी। आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रितेश मल व महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्र ने बताया कि महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा की अध्यक्षता में एक कमिटी गठित की गई थी। जिसने जून में शासन को रिपोर्ट सौंप दी। कमेटी ने वेतन निर्धारण संबंधी सिफारिश दे दी है। अब तक उसका शासनादेश नहीं जारी हुआ। इससे कर्मचारी 10 से 15 हजार वेतन पर काम करने को मजबूर है। जबकि एम्स जैसे संस्थानों में समान कार्य का समान वेतन दिया जा रहा है। महामंत्री ने कहाकि कर्मचारी पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं। इसके बावजूद अधिकारी कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करने में लेटलतीफी कर रहे हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
शासन ने पेंशन घोटाले की जांच का दिया आदेश
निजी कंपनियों को ट्रांसफर किए थे 80 करोड़ से अधिक
प्रयागराज। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के सैकड़ों शिक्षकों और कर्मचारियों के पेंशन अंशदान के 80 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बिना उनकी सहमति के निजी कंपनियों के खाते में निवेशित करने को लेकर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। आपके अपने समाचारपत्र ‘हिन्दुस्तान’ ने 24 अक्तूबर के अंक में इस घोटाले का ‘निजी कंपनी में शिक्षकों की पेंशन की रकम लगाई’ शीर्षक से इस घोटाले का खुलासा किया था। इसका संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेन्द्र देव को जांच का आदेश दिया है।माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने शुक्रवार को मंडलीय उप शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) आरएन विश्वकर्मा और डीआईओएस कार्यालय की वित्त एवं लेखाधिकारी से जांच करते हुए निजी कंपनियों में धनराशि निवेशित करने के दोषी अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए जांच आख्या सात नवंबर तक उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। साथ ही सुनिश्चित करने को कहा है कि संबंधित शिक्षक के वेतन से एनपीएस की कटौती को प्रतिमाह उनके प्रान खाते में निवेशित करने की सूचना भी सात नवंबर तक उपलब्ध कराएं। गौरतलब है कि ‘हिन्दुस्तान’ ने ‘शिक्षक मांगे हिसाब’ शृंखला के तहत डीआईओएस कार्यालय के स्तर पर बड़े पैमाने पर हुए इस घोटाले को उजागर किया जिसके बाद शासन स्तर पर मामला संज्ञान में लिया गया और जांच के आदेश दिए गए हैं। इस मामले में डीआईओएस कार्यालय का लिपिक आलोक गुप्ता पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
अंतः जनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया को बाधित करेगा प्रमोशन:शिक्षक संघ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ ने आशंक़ा व्यक्त की है कि बेसिक शिक्षा विभाग में जहां बीच सत्र प्रमोशन प्रक्रिया जारी है, उसी बीच विभाग के द्वारा शुरू की गई सरल और आसान अंतः जनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया फंस सकती है। यह स्थिति तब है जबकि अंतः जनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। बस रिलीविंग और ज्वाइनिंग के आदेश जारी होने हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि यदि प्रमोशन प्रक्रिया को अंतः जनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया से पहले पूर्ण किया जाता है तो विभाग के द्वारा शिक्षकों से आपस में कराई गई पेयरिंग में हजारों शिक्षकों के पेयर टूट जाएंगे, जिससे पूरी अंतः जनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया प्रभावित होगी। संगठन के अध्यक्ष ने कहा है कि सरकार द्वारा इस प्रक्रिया में रिलीविंग और ज्वाइनिंग के आदेश जारी करने पर शिक्षकों के एक दूसरे से विद्यालय परिवर्तन से निपुण लक्ष्य और छात्र शिक्षक अनुपात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने शिक्षा के अन्तरराष्ट्रीयकरण को बढ़ावा दिया
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020, सतत विकास लक्ष्य एवं राष्ट्र निर्माण : दृष्टिकोण, मुद्दे, चिंताएं एवं चुनौतियां ‘ विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी शुरू हुई। समाजशास्त्र विद्यापीठ की ओर से हुई संगोष्ठी में देश के विभिन्न कोनों से विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर कर रहे बीबीएयू के कुलपति प्रो.संजय सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति ने शिक्षा को विभिन्न नये आयामों के साथ प्रस्तुत किया है। जिसके अंतर्गत संस्कृति, प्राचीन विरासत, कौशल विकास, विस्तृत दृष्टिकोण एवं राष्ट्रीय भाषा को बढ़ावा दिया गया है। आज शिक्षा सिर्फ कक्षा तक ही सीमित नहीं रह गयी बल्कि बहुविषयक उद्देश्यों के शिक्षा के स्तर में निरन्तर सुधार किया जा रहा है। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो संजय श्रीवास्तव ने कहा कि नई शिक्षा नीति ने शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण को बढ़ावा दिया है। जिसके माध्यम से विकास के लिए आवश्यक तत्व जैसे प्रति व्यक्ति आय, अर्थव्यवस्था, प्रत्येक स्तर पर सामाजिक सुधार आदि को पहले की अपेक्षा बेहतर बनाया जा सकता है। यह सभी किसी भी राष्ट्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं। नई शिक्षा नीति की प्रारूप समिति के सदस्य प्रो मजहर आसिफ ने कहा कि बहुआयामी उद्देश्यों के साथ नई शिक्षा नीति को लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञान और शिक्षा वास्तव में विपरीत अर्थ रखते हैं, जिसके असल मायनों को इस नीति ने समझाने का कार्य किया है। शिक्षा के अन्तर्गत विद्यार्थियों के लिए हितकारी, मूल्य आधारित शिक्षा एवं आवश्यक संस्कार को सम्मिलित किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो एनवी वर्गीज ने कहा कि समाज में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि समाज का आखिरी व्यक्ति भी किसी अभाव के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहे। आयोजन सचिव प्रो. मनीष कुमार वर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्राचीन संस्कृति एवं शिक्षा की अवधारणा को प्रदर्शित करने वाला सकारात्मक प्रयास बताया।
पेंशन घोटाले की जांच का आदेश
प्रयागराज। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के सैकड़ों शिक्षकों और कर्मचारियों के पेंशन अंशदान के 80 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बिना उनकी सहमति के निजी कंपनियों के खाते में निवेशित करने के मामले में शासन ने जांच का आदेश दिया है।
प्रदेश के 60 हजार स्कूलों में एक साथ कराये गये शैक्षिक उपलब्धि सर्वे
लखनऊ। केंद्र सरकार एवं एनसीईआरटी की निर्देश पर शुक्रवार को प्रदेश के 60 हजार से अधिक प्राइमरी स्कूलों में शैक्षिक उपलब्धि सर्वेक्षण (परख-2023) किया गया। इसके तहत कक्षा 3, कक्षा 6 एवं कक्षा 9 में भाषा एवं गणित विषयों में बच्चों की उपलब्धियों का स्तर जांचा गया।राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से कराए गए इस सर्वेक्षण में प्रदेश भर में 16 लाख से अधिक बच्चों ने इसमें भाग लिया। एससीईआरटी निदेशक डा. पवन सचान ने बताया कि उनकी ओर से भी बाराबंकी एवं लखनऊ के स्कूलों का सर्वेक्षण किया गया और नियंत्रण कक्ष से जानकारी ली गई। डा. सचान ने बताया कि राज्य शैक्षिक उपलब्धि सर्वेक्षण का प्राथमिक उद्देश्य सरकार, सरकारी सहायता प्राप्त तथा निजी स्कूलों में शिक्षा प्रणाली के समग्र स्वास्थ्य का मूल्यांकन करना है। इसके तहत सीखने को प्रभावित करने वाले कारकों की समझ प्रालपत करने के लिए छात्रों की प्रासंगिक एवं स्कूल पृष्ठभूमि की जानकारी, तीन प्रश्नावलियों मसलन छात्र प्रश्नावली, शिक्षक प्रश्नावली तथा स्कूल प्रश्नावली के माध्यम से एकत्र की जा रही है।
यूपी बोर्ड परीक्षा 2024 को लेकर कवायद शुरू
अयोध्या। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित होने वाली 2024 की हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट की परीक्षा के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए जनपद में परीक्षा केन्द्र निर्धारण को लेकर कवायद हो रही है। परीक्षा केन्द्र निर्धारण ऑनलाइन प्रक्रिया से कराए जाने के लिए जनपद अयोध्या में निर्धारित समय सारिणी के तहत आंशिक संशोधन भी किया गया है। इसके लिए सभी माध्यमिक विद्यालयों को आदेश जारी किए गए हैं। जनपद में 443 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं जिसमें 50 अनुदानित और 26 राजकीय शेष वित्तविहीन मान्यता प्राप्त विद्यालय शामिल हैं।वर्ष 2024 की हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट परीक्षाओं के लिए परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत किया जाना है। परीक्षाओं की सुचिता पवित्रता, गुणवत्ता, विश्वसनीयता तथा विधि व्यवस्था बनाये रखने और नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण ऑनलाइन किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में शासन ने समय सारिणी भी जारी की है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि परीक्षा केन्द्र निर्धारण के लिए कई तरह के मानक बनाये गए हैं। विद्यालयों के भौतिक सत्यापन के बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति की ओर से विद्यालयों की सूची परिषद की वेबसाइट पर 11 नवम्बर तक अपलोड की जाएगी। 16 नवम्बर तक ऑनलाइन चयनित केन्द्र निर्धारण सूची डीआईओएस द्वारा प्रधानाचार्यों से परीक्षण के लिए प्रकाशित कर प्रबंधक-प्रधानाचार्योंेसे आपत्तियां ली जाएगी। 22 नवम्बर तक जनपदीय समिति से अनुमोदन के बाद परिषद की वेबसाइट पर डाली जाएगी। परीक्षा केन्द्रों की अंतिम सूचित परिषद की ओर से 10 दिसम्बर तक जारी की जाएगी।
माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों को मोटे अनाज के बारे में बताया
प्रतापगढ़। एक दिवसीय स्कूल कैरीकुलम प्रशिक्षण में माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों को मिलेट्स उत्पादों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण की शुरुआत करते हुए उप कृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने शिक्षकों को इससे होने वाले फायदे बताए।कृषि विज्ञान केंद्र ऐंठू कालाकांकर में शुक्रवार को एक दिवसीय स्कूल कैरीकुलम का आयोजन किया गया जिसमें माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों को मिलेट्स फसल उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने मिलेट्स फसल व उत्पादों से होने वाले फायदे गिनाए। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ. भाष्कर शुक्ल, डॉ. प्रदीप सिंह, डॉ. नवीन कुमार सिह, डॉ. स्वाती दीपक दुबे ने मिलेट्स उत्पादों की विस्तार से जानकारी दी। डॉ. प्रदीप सिंह ने शिक्षकों को प्रक्षेत्र भ्रमण कराकर मिलेट्स फसलों से परिचित कराया। अंत में उप कृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने शिक्षकों से अपील किया कि वह मिलेट्स की जानकारी और इससे होने फायदे छात्र छात्राओं को बताएं और इनका उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। प्रशिक्षण में अरविंद सिंह, डॉ. महेन्द्र सिंह, सुनील कुमार सिंह, रंजीत सिंह आदि शामिल रहे।
एक सप्ताह में मांगा हिसाब नहीं तो क्रमिक सत्याग्रह
प्रयागराज।शिक्षकों के एनपीएस खाते से करोड़ों की रकम से हेरफेर के मामले में माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट ने जिला विद्यालय निरीक्षक पीएन सिंह से हिसाब मांगा है। संगठन के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने शुक्रवार को डीआईओएस को लिखे पत्र में पूछा है कि कितने शिक्षकों-कार्मिकों के एनपीएस फंड से कितनी राशि निजी कंपनियों में ट्रांसफर की गई। कितने शिक्षकों-कार्मिकों की राशि मूल खाते में ट्रांसफर हुई और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। इसके अलावा पूछा है कि 17 महीने से शिक्षकों-कर्मचारियों की एनपीएस कटौती प्रान खाते में क्यों ट्रांसफर नहीं हुई। कितने शिक्षक ऐसे हैं जिनकी आज तक कटौती शुरू नहीं हो सकी है और क्यों। लालमणि द्विवेदी ने चेतावनी है कि एक सप्ताह में सूचनाएं नहीं मिली तो उसके बाद क्रमिक सत्याग्रह करेंगे।
दिल्ली-यूपी में भूकंप के तेज झटके लगे
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार, उत्तराखंड और हरियाणा समेत देश के कई हिस्सों में देर रात भूकंप के तेज झटकों से धरती हिल उठी। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.4 मापी गई है। भूकंप का केंद्र नेपाल में था, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। लोगों ने दो से तीन झटके महसूस किए।शुक्रवार देर शाम भूकंप के तेज झटकों से अफरातफरी मच गई। भूकंप का पहला झटका देर रात 11 बजकर 32 मिनट पर महसूस किया गया। भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप का केंद्र नेपाल के जाजरकोट जिले के पैंक में था। जिसकी तीव्रता रियक्टर स्केल पर तकरीबन 6.4 मापी गई। भूकंप के तेज झटके दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड समेत कई राज्यों में महसूस किए गए। देररात झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। प्रयागराज, प्रतापगढ़ और कौशाम्बी में भी झटके लगे।
सीटीईटी के लिए पंजीकरण शुरू
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सीटीईटी जनवरी 2024 परीक्षा की पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो उम्मीदवार केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के जनवरी सत्र में शामिल होना चाहते हैं वे सीबीएसई सीटीईटी की साइट ctet.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
स्कूल महानिदेशक से मिले भर्ती अभ्यर्थी
लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों की 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी 88 दिन से धरना दे रहे हैं। 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा में शैक्षिक परिभाषा प्रश्न गलत पाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवम्बर 2022 को एक अंक बढ़ाते हुए मेरिट पर कोर्ट की शरण में आए अभ्यर्थियों को नियुक्ति का फैसला दिया था। शुक्रवार को 88 दिन से धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने पुलिस के माध्यम से शिक्षा निदेशालय में स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद से मुलाकात की।
शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी महानिदेशक से मिले
लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा में शैक्षिक परिभाषा प्रश्न गलत पाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवम्बर 2022 को एक अंक बढ़ाते हुए मेरिट के आधार पर कोर्ट की शरण में आए हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का फैसला दिया था। शुक्रवार को धरना दे रहे अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा निदेशालय में स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद से मुलाकात की।महानिदेशक से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमण्डल के अभ्यर्थी दुर्गेश शुक्ला, सूरज वर्मा, शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि महानिदेशक ने सुप्रीम कोर्ट के एक अंक मामले को संज्ञान में लेते हुए जल्द ही कार्यवाही करने का मौखिक आश्वासन दिया है। अभ्यर्थियों ने कहा कि नियुक्ति की लिखित कार्यवाही होने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।









